Rajasthan CM Kisan Samman yojana 5th Kist का इंतजार कर रहे राज्य के किसानों को अब जल्द ही राहत मिलने वाली है। राज्य सरकार ने योजना की पांचवीं किस्त को लेकर तैयारियां पूरी कर ली हैं। कृषि विभाग के अनुसार, Rajasthan CM Kisan Samman yojana 5th Kist 15 जनवरी तक किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी। लंबे समय से किसान इस आर्थिक सहायता की राह देख रहे थे, जो अब पूरी होती नजर आ रही है। पिछली चार किस्तों से किसानों को आर्थिक मजबूती मिली है और इस बार भी सरकार का उद्देश्य यही है कि खेती में किसानों को किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो। सरकार की इस पहल से छोटे और सीमांत किसानों को बहुत राहत मिलेगी, खासकर रबी फसल के सीजन में जब कृषि कार्य जोरों पर होते हैं।
Rajasthan CM Kisan Samman Yojana 5th Kist
राजस्थान सरकार द्वारा शुरू की गई यह योजना राज्य के आर्थिक रूप से कमजोर किसानों के लिए एक मजबूत आधार बन गई है। Rajasthan CM Kisan Samman yojana 5th Kist के अंतर्गत किसानों को सीधे उनके बैंक खातों में आर्थिक मदद दी जाती है, जिससे उनकी खेती संबंधी जरूरतों को पूरा किया जा सके। यह योजना न केवल किसानों की आय को स्थिर करती है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी एक अहम कदम है। पांचवीं किस्त को लेकर किसानों में काफी उत्सुकता है क्योंकि यह रबी की बुआई के समय आ रही है। ऐसे में बीज, खाद और सिंचाई जैसे खर्चों को पूरा करने में यह सहायता काफी मददगार होगी। इस बार सरकार ने तय किया है कि सिर्फ उन्हीं किसानों को किस्त मिलेगी जिन्होंने ई-केवाईसी और भूमि सत्यापन पूरा कर लिया है।
राजस्थान सीएम किसान सम्मान योजना की 5वीं किस्त का अपडेट
राज्य सरकार के कृषि विभाग ने साफ किया है कि Rajasthan CM Kisan Samman Yojana की पांचवीं किस्त के लिए सारी बैकएंड प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इस योजना के तहत पात्र किसानों को 1000 रुपये की राशि सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाएगी। इस बार लगभग 65 लाख किसानों को इस किस्त का लाभ मिलेगा, जबकि पिछली बार यह संख्या 74 लाख थी। सरकार ने 9 लाख किसानों को अपात्र माना है जिनका नाम लाभार्थी सूची से हटाया जा चुका है।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक सहायता देकर उन्हें खेती के लिए सक्षम बनाना है। इस योजना के तहत राज्य सरकार सालाना 3000 रुपये की सहायता देती है, जो कि पीएम किसान सम्मान निधि के अतिरिक्त होती है। केंद्र सरकार से मिलने वाले 6000 रुपये के अलावा यह योजना किसानों के लिए अतिरिक्त सहारा बनती है। अब तक योजना की चार किस्तें ट्रांसफर की जा चुकी हैं और करोड़ों रुपये किसानों के खातों में जा चुके हैं।
पात्रता की शर्तें और जरूरी दस्तावेज
पांचवीं किस्त पाने के लिए किसानों को कुछ जरूरी शर्तों को पूरा करना होगा:
- किसान का नाम लाभार्थी सूची में होना चाहिए।
- ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी होनी चाहिए।
- भूमि सत्यापन दस्तावेज जमा होने चाहिए।
- बैंक खाता आधार कार्ड से लिंक होना अनिवार्य है।
यदि इन प्रक्रियाओं में कोई भी अधूरी रह गई है, तो किस्त की राशि रोक दी जाएगी। सरकार ने पहले ही निर्देश दे दिए हैं कि सिर्फ योग्य किसानों को ही योजना का लाभ मिलेगा।
Rajasthan CM Kisan Samman Yojana 5th Kist: ऐसे करें किस्त की स्थिति चेक
किसान अपने मोबाइल या कंप्यूटर से खुद भी यह चेक कर सकते हैं कि उनकी पांचवीं किस्त की स्थिति क्या है। इसके लिए निम्नलिखित स्टेप्स को फॉलो करें:
- राजस्थान सरकार की आधिकारिक कृषि पोर्टल पर जाएं।
- होमपेज पर ‘मुख्यमंत्री किसान सम्मान योजना’ सेक्शन चुनें।
- वहां दिए गए ‘पाँचवी किस्त की स्थिति देखें’ ऑप्शन पर क्लिक करें।
- किसान को अपना रजिस्ट्रेशन नंबर या आधार नंबर दर्ज करना होगा।
- जानकारी भरने के बाद ‘सबमिट’ बटन पर क्लिक करें।
- आपकी किस्त की स्थिति स्क्रीन पर दिखाई देगी।
इस प्रक्रिया से किसान जान सकते हैं कि उनके खाते में किस्त की राशि ट्रांसफर हुई है या नहीं। साथ ही अगर कोई दस्तावेज अधूरे हैं, तो उसका भी अलर्ट दिखाई देगा जिससे समय रहते सुधार किया जा सके।
किसानों को सलाह: जानकारी अपडेट रखें
राज्य सरकार ने किसानों से अपील की है कि वे अपनी सभी जानकारियां जैसे बैंक खाता, आधार लिंकिंग, मोबाइल नंबर और ई-केवाईसी अपडेट रखें। कई बार तकनीकी कारणों से भुगतान में देरी हो सकती है। यदि किसान की जानकारी अधूरी है तो किस्त का पैसा अटक सकता है। रबी फसल की तैयारी के इस दौर में यह सहायता किसानों के लिए बेहद जरूरी है, इसलिए सभी दस्तावेज समय पर जांच करवा लें।
रबी सीजन में आर्थिक सहारा बनेगी यह किस्त
जनवरी महीने में किसान रबी फसल की तैयारी में लगे होते हैं। बीज, उर्वरक, कीटनाशक और सिंचाई की व्यवस्था में अच्छा खासा खर्च होता है। ऐसे में Rajasthan CM Kisan Samman Yojana की पांचवीं किस्त किसानों के लिए बहुत बड़ी राहत बन सकती है। सरकार की मंशा भी यही है कि किसान आत्मनिर्भर बनें और उन्हें खेती के लिए किसी तरह की आर्थिक समस्या न हो।