उत्तर प्रदेश में दिसंबर 2025 के अंतिम दिनों में मौसम ने अचानक बेहद सख्त रूप ले लिया है। कड़ाके की ठंड, शीतलहर और घना कोहरा अब केवल असुविधा नहीं, बल्कि बच्चों और आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन चुका है। सुबह के समय कई जिलों में दृश्यता इतनी कम हो रही है कि सड़क पर चलना भी जोखिम भरा हो गया है।
इसी स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए UP School Winter Vacation की घोषणा की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश के सभी बोर्ड—CBSE, ICSE और UP Board—के स्कूलों को अस्थायी रूप से बंद करने का आदेश जारी किया गया। ठंड के इस गंभीर दौर में बच्चों का रोजाना स्कूल जाना स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह माना गया, इसलिए UP School Winter Vacation को समय पर लागू करना आवश्यक समझा गया।
UP School Winter Vacation पर विशेष नजर
UP School Winter Vacation केवल छुट्टियों की घोषणा नहीं है, बल्कि बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने वाला अहम कदम है। जनवरी 2026 की शुरुआत में भी ठंड और कोहरे का प्रकोप बढ़ा हुआ है। छोटे बच्चों का लंबा सफर, स्कूल बसों का धीमा चलना और खुले मैदानों में सुबह की सभा इन हालातों में जोखिम बढ़ा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में जहां परिवहन के साधन सीमित हैं, वहां यह खतरा और अधिक गंभीर हो जाता है। इस मौसम में बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा को सुनिश्चित करना बेहद जरूरी हो गया है, और यही कारण है कि UP School Winter Vacation जनवरी के पहले दो हफ्तों तक बढ़ा दिया गया।
जनवरी 2026 में मौसम की स्थिति
जैसे ही जनवरी 2026 में प्रवेश हुआ, मौसम विभाग ने पूरे प्रदेश में शीतलहर और कोल्ड वेव का अलर्ट जारी किया। उत्तर-पश्चिमी हवाओं और लगातार घटते तापमान के कारण दिन का तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे और रात में 5 डिग्री के करीब रिकॉर्ड किया गया। घने कोहरे के कारण सुबह के समय दृश्यता बेहद कम थी, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो रहा था। प्रशासन ने स्कूल बंदी के आदेश को सख्ती से लागू किया ताकि बच्चों को ठंड, कोहरा और दुर्घटना के जोखिम से बचाया जा सके।
प्रभावित जिले और क्षेत्र
प्रदेश के पूर्वी और तराई क्षेत्र जनवरी में भी सबसे ज्यादा प्रभावित रहे। बलिया, देवरिया, गोरखपुर, कुशीनगर, बस्ती, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, बाराबंकी, अयोध्या, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर और बदायूं जैसे जिलों में ठंड और कोहरे का असर अब भी जारी रहा। इन जिलों में सुबह के समय सड़कें लगभग खाली रहती हैं और वाहन बेहद धीमी गति से चलते हैं।
जनवरी में स्कूल बंदी का महत्व
जनवरी 2026 में भी UP School Winter Vacation का महत्व और बढ़ गया है क्योंकि ठंड और कोहरे का असर अभी चरम पर है। छोटे बच्चों के लिए सुबह जल्दी उठकर स्कूल जाना और लंबे समय तक ठंड में रहना स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरा है। स्कूल बसों का धीमा चलना, पैदल सफर करने वाले छात्रों की सुरक्षा और खुले मैदानों में सुबह की सभा—ये सभी जोखिम पैदा कर रहे थे। इसलिए सरकार ने जनवरी में भी अवकाश बढ़ाकर 14 जनवरी तक सभी स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया।
प्रशासन और स्वास्थ्य अलर्ट
जनवरी 2026 में स्वास्थ्य विभाग ने बच्चों, बुजुर्गों और कमज़ोर स्वास्थ्य वाले लोगों के लिए विशेष चेतावनी जारी की। प्रशासन ने अलाव और गर्म कपड़ों की व्यवस्था बढ़ाने, बच्चों को सुरक्षित परिवहन के साधन उपलब्ध कराने और स्कूलों में स्वास्थ्य संबंधी सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए। किसानों को फसल सुरक्षा के लिए पाले और ठंड के प्रति सतर्क रहने के लिए कहा गया।
प्रमुख शहरों की स्थिति
लखनऊ में अभी भी कोल्ड डे लागू था और दिन में भी ठंड महसूस की जा रही थी। मेरठ इस समय सबसे ठंडा शहर बना हुआ था। आगरा में ताजमहल कोहरे में ढका हुआ नजर आया। वाराणसी, कानपुर और गोरखपुर में सुबह के समय दृश्यता बेहद कम रिकॉर्ड की गई। ट्रेनों की रफ्तार धीमी हो गई थी और बस सेवाओं में भी विलंब देखा गया।
UP School Winter Vacation की विशेषताएँ
- नर्सरी से 12वीं तक के सभी स्कूल बंद
- बेसिक शिक्षा परिषद के अंतर्गत स्कूलों में 31 दिसंबर 2025 से 14 जनवरी 2026 तक शीतकालीन अवकाश
- सभी जिलों में आदेश समान रूप से लागू
- छात्रों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता
- प्रशासनिक निगरानी और विशेष अलाव/गर्म कपड़े की व्यवस्था
UP School Winter Vacation जनवरी 2026 तक बच्चों और अभिभावकों के लिए राहत लेकर आया है। ठंड और कोहरे के चरम मौसम में यह निर्णय न केवल सुरक्षा सुनिश्चित करता है बल्कि बच्चों के स्वास्थ्य को भी नुकसान से बचाता है।